नए नियमों से टिकट बुकिंग होगी पारदर्शी, आम यात्रियों को राहत
भारतीय रेलवे ने अपने टिकट बुकिंग सिस्टम में बड़ा बदलाव करते हुए IRCTC के 2.5 करोड़ से ज्यादा यूजर अकाउंट डीएक्टिवेट कर दिए हैं। यह फैसला उन आईडी के खिलाफ लिया गया है जो संदिग्ध गतिविधियों में शामिल थीं या बॉट्स की मदद से फर्जी तरीके से टिकट बुक कर रही थीं। इस कदम से सबसे बड़ा फायदा आम यात्रियों को होगा, जो अब पहले से ज्यादा आसानी से कंफर्म टिकट बुक कर पाएंगे।
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क्या थी सबसे बड़ी समस्या?
अक्सर देखा गया था कि तत्काल टिकट बुकिंग खुलते ही चंद मिनटों में सारी सीटें खत्म हो जाती थीं। इसका कारण था एजेंटों द्वारा सॉफ्टवेयर और बॉट्स के ज़रिए टिकटों की बुकिंग। इससे आम जनता के लिए कंफर्म टिकट मिलना बेहद मुश्किल हो गया था। लोगों को स्टेशन से लेकर ऑनलाइन तक बार-बार निराशा मिलती थी।
संसद में सरकार ने क्या बताया?
सरकार ने 25 जुलाई 2025 को संसद में जानकारी दी कि रेलवे ने टिकट बुकिंग सिस्टम में पारदर्शिता लाने के लिए ये बड़ा कदम उठाया है। IRCTC ने 2.5 करोड़ से अधिक फर्जी या संदिग्ध आईडी को डीएक्टिवेट कर दिया है। इसके साथ ही बुकिंग सिस्टम में कई अहम बदलाव किए गए हैं, जिनका सीधा असर आम यात्रियों पर पड़ेगा।
IRCTC और रेलवे के नए नियम क्या हैं?
रेलवे और IRCTC ने मिलकर बुकिंग प्रक्रिया को आसान और निष्पक्ष बनाने के लिए कुछ बड़े बदलाव किए हैं:
1. आधार जरूरी:
अब 1 जुलाई 2025 से तत्काल टिकट बुक करने के लिए यूजर का आधार वेरिफाइड होना जरूरी है। इसका मतलब यह है कि कोई भी यूजर बिना आधार लिंक किए तत्काल टिकट बुक नहीं कर सकेगा।
2. एजेंटों पर रोक:
एजेंट अब तत्काल बुकिंग विंडो खुलने के पहले 30 मिनट तक कोई भी टिकट नहीं बुक कर पाएंगे। इससे आम यात्रियों को पहले मौका मिलेगा।
3. डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा:
अब PRS काउंटर्स पर भी डिजिटल भुगतान की सुविधा दी जा रही है, जिससे नकदी लेन-देन में कटौती होगी और ट्रांजैक्शन ट्रैक करना आसान होगा।
4. वेटिंग लिस्ट पर नजर:
रेलवे अब वेटिंग लिस्ट पर नियमित नजर रख रहा है और जरूरत के हिसाब से स्पेशल ट्रेनें भी चला रहा है, ताकि यात्रियों को सीट मिल सके।
इमरजेंसी कोटा में भी बदलाव
पहले जहां इमरजेंसी कोटा के तहत टिकट बुकिंग केवल यात्रा वाले दिन ही होती थी, अब इसे बदलकर यात्रा के एक दिन पहले आवेदन करना अनिवार्य कर दिया गया है। इस कोटे में सांसदों, सरकारी अधिकारियों, मेडिकल इमरजेंसी, सीनियर सिटीजन जैसे यात्रियों को प्राथमिकता दी जाती है।
क्या होगा आम यात्रियों को फायदा?
इन बदलावों का सबसे बड़ा फायदा उन यात्रियों को होगा जो बिना किसी एजेंट के सीधे खुद टिकट बुक करते हैं। अब बॉट्स और फर्जी आईडी के हटने से कंफर्म टिकट मिलने की संभावना काफी बढ़ जाएगी। साथ ही आधार लिंक और डिजिटल पेमेंट से बुकिंग प्रक्रिया पारदर्शी और सुरक्षित हो जाएगी।
निष्कर्ष
रेलवे और IRCTC द्वारा उठाया गया यह कदम न केवल टिकट बुकिंग को साफ और सुरक्षित बनाएगा, बल्कि आम लोगों का सिस्टम पर भरोसा भी मजबूत करेगा। यदि यह प्रक्रिया ईमानदारी से लागू की जाती है, तो भारत में ट्रेन टिकट बुकिंग का अनुभव पूरी तरह बदल सकता है।
FAQs:
IRCTC ने कितने अकाउंट बंद किए हैं?
IRCTC ने 2.5 करोड़ से अधिक संदिग्ध और फर्जी यूजर आईडी बंद की हैं।
अब तत्काल टिकट कौन बुक कर सकता है?
अब केवल आधार वेरिफाइड यूजर ही IRCTC ऐप या वेबसाइट से तत्काल टिकट बुक कर सकते हैं।
एजेंट टिकट कब से बुक कर पाएंगे?
एजेंट तत्काल टिकट विंडो खुलने के 30 मिनट बाद ही टिकट बुक कर पाएंगे।
इमरजेंसी कोटा के लिए कब आवेदन करना होगा?
अब इमरजेंसी कोटा के लिए एक दिन पहले आवेदन करना अनिवार्य है।
PRS काउंटर पर डिजिटल पेमेंट कैसे होगा?
रेलवे ने सभी पीआरएस काउंटर्स पर डिजिटल भुगतान की सुविधा उपलब्ध करा दी है, जिससे UPI या कार्ड से भुगतान किया जा सकता है।
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